कहानी एवं लेखहिन्दी साहित्य

छोटी छोटी मगर मोटी बाते….

हर एक व्यक्ति को अपने देश से प्यार होता है, फिर वो किसी भी धर्म का हो, किसी भी राज्य का हो , किसी भी जाती का हो, छोटा हो या बड़ा। जब छोटे होते है तो देश – देशभक्ति, सेवा, सुरक्षा और कई ऐसे शब्द से हम अनजान होते है लेकिन समय के चलते बढती जवानी के साथ साथ एक जूनून सा चढ़ता है और सोचते है की मुझे भी कुछ करना है, कुछ ऐसा जिस से अपने देश का डंका बजे।

लेकिन एक सवाल है कैसे ?

इस सवाल का जवाब देने से पहले  एक बात कहनी है, छोटे से छोटा घर भी एक अकेले व्यक्ति से नहीं चलता तो फिर देश एक- दुसरे के सहारे के बिना कैसे चल सकता है ? जैसे घर में किसी अपने को कुछ होता है तो पूरे दिन सब लोग एक दुसरे के साथ रहते है लेकिन महौल्ले में कुछ होता है तो दूर भागते है ?  ऐसा क्यूँ ? क्या वो गलियाँ, वो महौल्ला हमारा अपना नहीं है? जब घर में अपने छोटे भाई -बहन से लड़ते है तो एक दुसरे को मना लेते है लेकिन वो कोई दूसरा है तो न जाने कहाँ कहाँ बात पहुँचती है, क्या उस व्यक्ति को भी हम अपना बना सकते है? क्या उसके साथ समजौता कर सकते है? यह सब बातो से में कुछ कहना चाहती हूँ,

अलग अलग गलियों कुच्चो में लोग कौन गिनता है?
साथ खड़े हो सभी लोग देश तभी तो बनता है।

आज  हम लोग बड़ा बड़ा सोचने में छोटी छोटी बाते भूल चुके है, हर एक को लगता है मैं ये कर लूँगा, मैं वो कर लूँगा मगर इस “मैं” में  “हम” भूल चुके है हम, दूसरा गलत करता है तो चार बाते बताएँगे लेकिन खुद की बुराई देख सके उतना भी समय नहीं है हमारे पास, सलाह -सुचन की तो दुकाने खोल रखी है हमने लेकिन कर्म नामक दुकान बंध करदीं है हमने, कुछ लोग कर्म कर भी रहे है तो संतोष नामक चीज़ खो बैठे है, दिन -ब- दिन  अपनेपन की भावना मिटती जा रही है,  चारो ओर बिखर रहे है लेकिन एक नहीं होना चाहते है हम और सवाल पूछते है की कैसे कोई बड़ा काम करे और अपने देश का डंका बजाएं? 
आखिर बिखरे बिखरे तारे भी तो एक ही चन्द्र की रोशनी से चमकते है।

Be unite, “वसुधैव कुटुंबकम्” 

आरतीबा झाला

Related posts
काव्यहिन्दी साहित्य

एक छोटा सा बीज..

एक छोटा सा बीज.. उसे क्या करना है पता…
Read more
काव्यहिन्दी साहित्य

करोगे याद तो …

करोगे याद तो, हर बात याद आयेगी &#8211…
Read more
काव्यहिन्दी साहित्य

मायूशी

जान से अज़ीज़ लोग बिछड़े, मायूशी बढ़त…
Read more

Leave a Reply

%d bloggers like this: