काव्यहिन्दी साहित्य

करोगे याद तो …

करोगे याद तो, हर बात याद आयेगी – २
गुज़रते वक़्त की, हर मौज ठहर जायेगी – २
करोगे याद तो …

ये चाँद बीते ज़मानों का आईना होगा – २
भटकते अब्र में, चहरा कोई बना होगा
उदास राह कोई दास्तां सुनाएगी – २
करोगे याद तो …

बरसता-भीगता मौसम धुआँ-धुआँ होगा – २
पिघलती शमों पे दिल का मेरे ग़ुमां होगा
हथेलियों की हिना, याद कुछ दिलायेगी – २
करोगे याद तो …

गली के मोड़ पे, सूना सा कोई दरवाज़ा – २
तरसती आँखों से रस्ता किसी का देखेगा
निगाह दूर तलक जा के लौट आएगी – २
करोगे याद तो …

  • बशर नवाज़

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