काव्यहिन्दी साहित्य

खामोशी

बारिश की बूंदों में है एक खामोशी,
हवा मै भीगती रात है एक खामोशी |

आंखों मै बसे लब्ज़ो की एक खामोशी,
अनकहें शब्दोकी कहानी है एक खामोशी|

बंध अंधेरे कमरों की एक खामोशी,
दीवान पर चुप अडोल बैठी है एक खामोशी |

पत्थरकी सतह पानीकी एक खामोशी,
सागर के किनारे मजधार की एक खामोशी |

अंदर महामुद्रा शून्य की एक खामोशी ,
खुद तक पोहचे एक सिफर एक खामोशी |

इदा पिंगला बीच सुषुम्ना एक खामोशी,
योगमार्गी ,बोधी ईश्वरतत्व की निशानी खामोशी |

~ बिजल जगड

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